12 जनवरी 2026 को इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) ने इस साल का पहला मिशन लॉन्च किया. इसके तहत श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 10:17 बजे 16 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजा गया. लेकिन इसी बीच अंतरिक्ष में एक PSLV-C62 रॉकेट तय रास्ते से भटक गया.

रॉकेट रास्ते से भटकने का कारन ?
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) का साल 2026 का पहला मिशन ‘PSLV-C62’ फेल हो गया है। रॉकेट, आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से 16 सैटेलाइट लेकर उड़ा था। ISRO चीफ डॉ. वी नारायणन ने कहा कि रॉकेट लॉन्चिंग के तीसरे चरण में गड़बड़ी आ गई, जिसके कारण वह रास्ता से भटक गया।
पिछले साल भी 18 मई को ISRO का PSLV-C61 भी मिशन तकनीकी खराबी के कारण तीसरी स्टेज में ही फेल हुआ था। इस मिशन में EOS-09 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को 524 किमी की सन-सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट में स्थापित किया जाना था। ISRO चीफ ने कहा कि रॉकेट ने निर्धारित फ़्लाइट पथ से सामान्य रास्ते से भटक गया और अब डाटा विश्लेषण किया जा रहा है।

सैटेलाइट्स का क्या लक्ष्य था?
मिशन का उद्देश्य DRDO के EOS-N1 “अन्वेषा” पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट और 15 अन्य सह-यात्री सैटेलाइट्स को सूर्य-समकालिक कक्षा में स्थापित करना था, जो कृषि, भू-नक़्शा बनाने, आपदा प्रबंधन और निगरानी जैसी क्षमताओं में सुधार करते।

सैटेलाइट के किस स्टेज में आई दिक्कत, ISRO चीफ ने बताया:
इसरो की PSLV-C62 मिशन सफल नहीं हो पाया है. इसरो चीफ वी नारायणन ने बताया कि सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया. दूसरा स्टेज भी सफल रहा, लेकिन तीसरे स्टेज के बाद इससे मिलने वाला डेटा मिलने में परेशानी आने लगा. ये दिशा से हिल गया. मिशन का चौथा स्टेज शुरू तो हुआ, लेकिन उसके बाद कोई अपडेट डेटा नहीं मिला. हम डेटा एनालिसिस कर रहे हैं.

