सोने की कीमत आज यानी 21 जनवरी को 1.50 लाख रुपए के पार कर गई है। यह इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार सोना आज 7,795 रुपए बढ़कर 1,55,204 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बजार खुला है। कल ये 1,47,409 रुपए पर था। सोना इस साल अब तक 21,744 रुपए महंगा हो चुका है।
वहीं 1 किलो चांदी की कीमत आज 10,730 रुपए बढ़कर 3,20,075 रुपए के पर पहुंच गई है। इससे पहले कल ये 3,09,345 रुपए पर थी। चांदी इस साल सिर्फ 21 दिनों में ही 90,825 रुपए महंगी हो चुकी है। सोने-चांदी के दाम लगातार तीसरे दिन अपने ऑलटाइम हाई पर हैं।

सोने में तेजी के 3 बड़े कारण:
- ग्लोबल टेंशन और ‘ग्रीनलैंड’ विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की जिद और इस मुद्दे पर यूरोपीय देशों को टैरिफ की धमकी ने वैश्विक बाजारों बाजारों अस्थिरता बढ़ गई है। जब भी दुनिया में ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ता है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर भागते हैं।
- रुपए की रिकॉर्ड कमजोरी : भारत में सोने की कीमत केवल वैश्विक दरों पर नहीं, बल्कि डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट पर भी निर्भर करती है। आज रुपया डॉलर के मुकाबले ₹91.10 के ऑल-टाइम लो पर है। LKP सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, रुपए की कमजोरी की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीदे जाने वाले सोने की लैंडिंग कॉस्ट भारत में बहुत महंगी हो गई है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें ₹1.5 लाख के पार निकल गईं।
- सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (जैसे भारत का RBI) अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए सोने का स्टॉक बढ़ा रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में रिकॉर्ड खरीदारी के बाद 2026 की शुरुआत में भी सेंट्रल बैंकों की मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा होने के कारण कीमतें बढ़ रही हैं।
₹1.90 लाख तक जा सकता है सोना
रिसर्च हेड डॉ रेनिशा चैनानी के अनुसार, अगर अमेरिकी टैरिफ और मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है, तो सोना 2026 में 1,90,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वहीं चांदी 4 लाख रुपए तक जा सकती है।

2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी हुई
- पिछले साल यानी 2025 में सोने की कीमत 57,033 रुपए (75%) बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपए हो गया।
- चांदी का भाव भी इस दौरान 1,44,403 रुपए (167%) बढ़ा। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो इस साल के आखिरी दिन 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गई।

गोल्ड में निवेश के 2 पॉपुलर तरीके
- फिजिकल गोल्ड-सिल्वर यानी, सिक्के खरीदना।
- गोल्ड-सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) के जरिए निवेश।
निवेश कैसे कर सकते हैं: रेप्युटेड ज्वेलर्स से गोल्ड-सिल्वर के सिक्के या ज्वेलरी खरीद सकते हैं। लेकिन फिजिकल गोल्ड में स्टोरेज और असली-नकली की पहचान समस्या है।
वहीं गोल्ड-सिल्वर ETF में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट होना चाहिए। इसमें स्टोरेज और असली-नकली पहचान की समस्या नहीं है।

अब चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण जानिए
- इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।
- ट्रंप का टैरिफ डर – अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।
- मैन्युफैक्चरर होड़ में – प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।
इस साल ₹4 लाख तक जा सकती है चांदी
- मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज: 2026 में चांदी ₹3.20 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है। सोलर और EV डिमांड को देखते हुए हर गिरावट पर खरीदारी की सलाह है।
- सैमको सिक्योरिटीज: टेक्निकल ब्रेकआउट और मजबूत वैश्विक संकेतों के आधार पर चांदी की कीमतें ₹3.94 लाख प्रति किलो के स्तर को भी छू सकती हैं।
- नीलेश सुराना (कमोडिटी एक्सपर्ट): ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती से चांदी $100 प्रति औंस (करीब ₹3.5-4 लाख) तक जा सकती है।
- पोनमुडी आर (CEO, एनरिच मनी): चांदी में लंबी अवधि की तेजी का दौर अभी जारी रहेगा, इसलिए निवेशकों को कीमतों में आने वाली हर छोटी गिरावट का फायदा उठाना चाहिए।
- रॉबर्ट कियोसाकी (ग्लोबल इन्वेस्टर): डॉलर की कमजोरी और महंगाई को देखते हुए चांदी साल 2026 में $200 प्रति औंस के चौंकाने वाले स्तर तक भी जा सकती है।
