जम्मू-कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी पार्टी के नेता 7 सीटों पर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। इस पार्टी को 2019 में केंद्र सरकार ने UAPA एक्ट 1967 के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित कर बैन कर दिया था। इस साल फरवरी में प्रतिबंध को 5 साल बढ़ाया गया है।
वहीं, NC और कांग्रेस के कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट आज जारी हो सकती है। गठबंधन के तहत पहले फेज में नेशनल कॉन्फ्रेंस 15 और कांग्रेस 9 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। NC और कांग्रेस ने 22 अगस्त को गठबंधन का ऐलान किया था।

सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस 52 और कांग्रेस 38 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। दोनों पार्टियों के बीच अभी भी कुछ सीटों को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इसकी वजह से ही लिस्ट में देरी हो रही है।
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को तीन फेज में होने हैं। पहले फेज की 24 सीटों के लिए अब तक 14 कैंडिडेट्स ने नॉमिनेशन किया है। पहले फेज के लिए नॉमिनेशन की आखिरी डेट 27 अगस्त तक है।
2014 में हुए थे आखिरी विधानसभा चुनाव
आखिरी बार 2014 में जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव हुए थे। तब BJP और PDP ने गठबंधन सरकार बनाई थी। 2018 में गठबंधन टूटने के बाद सरकार गिर गई थी। इसके बाद राज्य में 6 महीने तक राज्यपाल शासन (उस समय जम्मू-कश्मीर संविधान के अनुसार) रहा। इसके बाद राष्ट्रपति शासन लागू हो गया।
राष्ट्रपति शासन के बीच ही 2019 के लोकसभा चुनाव हुए, जिसमें BJP भारी बहुमत के साथ केंद्र में लौटी। इसके बाद 5 अगस्त 2019 को BJP सरकार ने आर्टिकल-370 खत्म करके राज्य को दो केंद्र-शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में बांट दिया था। इस तरह जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव हो रहे हैं।
