शराब नीति घोटाला केस में मनीष सिसोदिया के बाद के. कविता को भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत

के. कविता k Kabita
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दिल्ली शराब नीति केस में आरोपी भारत राष्ट्र समिति (BRS) के लीडर कविता को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस केस में जांच पूरी हो चुकी है। ट्रायल के जल्द पूरा होने की उम्मीद नहीं है। के कविता 5 महीने से जेल में बंद हैं। महिला हैं और PMLA के सेक्शन 45 के तहत उन्हें जमानत मिलनी चाहिए।

दिल्ली शराब घोटाले में अब BRS नेता के कविता को भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दी है. इस मामले में ⁠⁠ED/ CBI को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. उन्हें दोनों मामलों में जमानत मिली है. इसके साथ ⁠पांच महीने बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है. के कविता ⁠9 मार्च को हुई गिरफ्तार हुई थीं. ⁠जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस के वी विश्वनाथन की बेंच ने जमानत दी है. ⁠सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ⁠कविता पांच महीने से जेल में बंद हैं. ⁠केस में 493 गवाह और 50000 दस्तावेज हैं. ⁠जल्द ट्रायल पूरा होने की उम्मीद नहीं है. ⁠मामले की जांच पूरी हो चुकी है. कानून में महिलाओं के लिए जमानत पर विचार करते हुए विशेष बर्ताव का प्रावधान है. सुप्रीम कोर्ट ने ⁠हाईकोर्ट के जमानत ना देने के फैसला को रद्द कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने के कविता को दोनों केस में 10-10 लाख का बेल बॉन्ड भरने के लिए कहा है. वह ⁠पासपोर्ट ट्रायल जज के पास सरेंडर करेंगी. ⁠सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगी. कोर्ट ने ये भी कहा कि ट्रायल सहयोग करें. इस फैसले के साथ सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी भी की है कि विचाराधीन हिरासत को सजा में नहीं बदलना चाहिए. कविता पीएमएलए की धारा 45 के तहत लाभ की हकदार है. शिक्षित महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता. अदालतों को इस श्रेणी के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए.

जमानत की शर्तें

10-10 लाख रुपए का बेल बांड भरने होंगे।
सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगी।
के कविता को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा।

जमानत पर सुप्रीम कोर्ट के 3 कमेंट

  1. महिला होने के नाते स्पेशल ट्रीटमेंट मिलना चाहिए: लॉ वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, के कविता पर फैसला सुनाते वक्त सुप्रीम कोर्ट ने PMLA के तहत सेक्शन 45 का हवाला दिया। कहा कि इसके तहत महिला होने के नाते के कविता स्पेशल बेनिफिट की हकदार हैं।
  2. क्या शिक्षित महिला को जमानत मिलनी ही नहीं चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस कमेंट का भी जिक्र किया, जिसमें हाईकोर्ट ने कहा था कि एक उच्च शिक्षित महिला सेक्शन 41 के तहत स्पेशल ट्रीटमेंट की हकदार नहीं होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि काबिल जज के आदेश के बाद ऐसी धारणा बन गई कि किसी शिक्षित महिला को जमानत मिलनी ही नहीं चाहिए। ये क्या है? सु्प्रीम कोर्ट ने कहा- हमारी राय इसके उलट है। एक महिला सांसद और आम महिला में अंतर नहीं करना चाहिए।
  3. महिलाओं के प्रति संवेदनशील रहें अदालतें: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि PMLA के तहत आरोपी महिलाओं के मामले में अदालतों को ज्यादा संवेदनशील रहना चाहिए। हाईकोर्ट की काबिल जज सेक्शन 41 के तहत के कविता की जमानत पर फैसला सुनाते वक्त भटक गईं।

केस में के कविता का नाम कब आया, आरोप क्या?

ED ने 30 नवंबर 2022 को गुरुग्राम से कारोबारी अमित अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। अमित ने के. कविता के नाम लिया था। ED ने कहा था कि कविता ने विजय नायर के माध्यम से दिल्ली में AAP सरकार के नेताओं को 100 करोड़ रुपए का भुगतान किया था। AAP ने इस पैसे का इस्तेमाल गोवा और पंजाब विधानसभा चुनाव में किया।
इसी केस में गिरफ्तार बिजनेसमैन अरुण रामचंद्रन पिल्लई ने बताया था कि कविता और आम आदमी पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत 100 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ, जिससे कविता की कंपनी ‘इंडोस्पिरिट्स’ को दिल्ली के शराब कारोबार में एंट्री मिली।
15 मार्च 2024 को ED ने कविता को हैदराबाद से गिरफ्तार किया था। इसी दिन उनके घर पर सुबह 11 बजे रेड डाली थी। करीब 8 घंटे की तलाशी और कार्रवाई के बाद शाम 7 बजे कविता को अरेस्ट किया गया।

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