SC ने कुत्तों के काटने को लेकर बड़ा फैसला दिया है, जिसके बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि कुत्ता काटने पर पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा राज्य पहले से ही है जहाँ कुत्ता काटने पर 5 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है?
सुप्रीम कोर्ट बोला-कुत्ते के काटने पर भारी मुआवजा तय होगा:जो आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित, वे अपने घर ले जाएं; उन्हें ऐसे नहीं छोड़ सकते
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आवारा कुत्तों के हमलों पर सख्त टिप्पणी की। अदालत ने कहा, ‘बच्चों या बुजुर्गों को कुत्तों के काटने, चोट लगने या मौत के हर मामले में हम राज्य सरकारों से भारी मुआवजा दिलवाएंगे, क्योंकि उन्होंने पिछले 5 सालों में नियमों को लागू करने के लिए कुछ नहीं किया।’

कोर्ट ने कहा, ‘आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वालों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। अगर आपको इन जानवरों से इतना प्यार है, तो इन्हें अपने घर क्यों नहीं ले जाते। ये कुत्ते सड़कों पर क्यों घूमते रहें, लोगों को काटें और डराएं। उन्हें हम ऐसे ही नहीं छोड़ सकते।’
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा, ‘कुत्तों में एक खास तरह का वायरस होता है, जिसका कोई इलाज नहीं है। अब तक चार दिन की सुनवाई में इमोशन सिर्फ कुत्तों के लिए ही दिख रही है। जब कुत्ते 9 साल के बच्चे पर हमला करते हैं तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या हम इसपर आंखें मूंद लें।’ इस मामले में अब अगली सुनवाई 20 जनवरी को दोपहर 2 बजे से होगी।
यहां पहले से ही लागू है 5 लाख का मुआवजा
कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार ने पहले ही आवारा कुत्तों के हमलों पर एक नीति बनाई है.20 नवंबर 2025 को राज्य सरकार ने घोषणा की कि कुत्ते के काटने से मौत होने पर पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. अगर कुत्ते के काटने से त्वचा पर घाव, गहरी चोट, नीला पड़ना (ब्रूज), लहूलुहान लकेरें या कई जगह काटने की चोटें आती हैं, तो कुल 5000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा.इस 5000 रुपये में से 3500 रुपये सीधे पीड़ित को मिलेंगे और 1500 रुपये सुवर्ण आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट को उपचार शुल्क के रूप में दिए जाएंगे. सरकार का कहना है कि ये फैसला लोगों को समय पर इलाज और आर्थिक मदद देने के लिए लिया गया है.
महाराष्ट्र में कुत्तों के काटने की घटनाएं सबसे ज्यादा

आवारा कुत्तों से जुड़े केस की टाइमलाइन
तारीख | घटना / आदेश
28 जुलाई 2025 | सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमलों से मौतों पर स्वयं संज्ञान लिया।
11 अगस्त 2025 | आवारा कुत्तों को 8 हफ्तों में आवासीय क्षेत्रों से हटाकर शेल्टर होम भेजने का आदेश।
13 अगस्त 2025 | CJI बी.आर. गवई ने फैसले की समीक्षा के लिए केस को 3 जजों की स्पेशल बेंच को सौंपा।
14 अगस्त 2025 | 3-जजों की बेंच (विक्रम नाथ, संदीप मेहता, एंजा अंजारिया) ने फैसला सुरक्षित रखा।
22 अगस्त 2025 | कोर्ट—पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी कर छोड़ा जाए; खतरनाक कुत्ते केव में रहेंगे।
3 नवंबर 2025 | कोर्ट ने राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब किया, पर कोई नहीं पहुँचा; 7 नवंबर को आदेश।
7 नवंबर 2025 | देशभर में राजस्थान HC का आदेश लागू; नेशनल हाईवे से आवारा पशु हटाने का निर्देश।
18 दिसंबर 2025 | कोर्ट ने याचिकाकर्ता से अगली सुनवाई में वीडियो दिखाने को कहा।
7 जनवरी 2026 | कोर्ट—कुत्तों से लोगों को होने वाली परेशानी पर राज्यों से जवाब पूछा।
8 जनवरी 2026 | कोर्ट—कुत्ते इंसानों का डर पहचानकर काटते हैं; सड़क से हटाने का आदेश नहीं दिया, नियमों के अनुसार व्यवहार करें।
9 जनवरी 2026 | कोर्ट ने कहा—सभी कुत्तों को महान साबित करने की कोशिश न करें।
13 जनवरी 2026 | कोर्ट—बुज़ुर्गों/बच्चों के काटने पर राज्य सरकारें भारी मुआवज़ा दें; इसे गंभीरता से लें।
